जैन धर्म के विषय में कौन-सा कथन सही है?
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यह प्रश्न जैन धर्म के इतिहास, सिद्धांत, तीर्थंकर-परंपरा अथवा महावीर के जीवन से जुड़े एक महत्त्वपूर्ण तथ्य को स्पष्ट करता है। सही उत्तर वेदों की प्रामाणिकता का निषेध और कठोर अहिंसा है। जैन धर्म वेदों की प्रामाणिकता और सृष्टिकर्ता ईश्वर को स्वीकार नहीं करता तथा अहिंसा पर अत्यधिक बल देता है। महावीर चौबीसवें तीर्थंकर थे; उन्होंने किसी बिल्कुल नए धर्म की स्थापना के बजाय पुरानी श्रमण परंपरा को पुनर्गठित और व्यापक किया। उत्तर चुनते समय जैन और बौद्ध शब्दावली, परंपरागत जीवन-वृत्त तथा आधुनिक ऐतिहासिक सावधानी को अलग-अलग समझना आवश्यक है। प्रश्न में दिए गए निकट विकल्प प्रायः किसी दूसरे धर्म, बाद के जैन आचार्य या भिन्न घटना से संबंधित होते हैं।