इस कठिन मध्यकालीन इतिहास प्रश्न का प्रमाण-आधारित उत्तर कृष्ण है। मीराबाई के पद कृष्ण के प्रति गहन व्यक्तिगत प्रेम व्यक्त करते हैं और राजकीय अपेक्षाओं तथा सामाजिक बंधनों से ऊपर ईश्वर-प्रेम रखते हैं। भक्ति और सूफी परंपराएँ एकरूप आंदोलन नहीं थीं। गलत विकल्पों को भी अलग करना आवश्यक है: शिव भिन्न संस्था, संदर्भ या कालक्रम से जुड़ा है; सूर्य प्रश्न में बताए कार्य को पूरा नहीं करता; और गणेश अपेक्षित ऐतिहासिक संबंध से मेल नहीं खाता। “मीराबाई के उपलब्ध भक्ति-पद मुख्यतः किस देवता पर केंद्रित हैं?” की भाषा जानबूझकर विशिष्ट रखी गई है, इसलिए पहले उसके केंद्रीय संकेत को पहचानना चाहिए। यह तथ्य एक MCQ से आगे जाकर मध्यकालीन संस्था के व्यवहार और उपलब्ध साक्ष्य के ऐतिहासिक वर्गीकरण को समझाता है। पुनरावृत्ति में “मीराबाई के उपलब्ध भक्ति-पद मुख्यतः किस देवता पर केंद्रित हैं? — कृष्ण” युग्म के साथ ऊपर दिया तथ्यात्मक कारण भी याद रखें।