इस कठिन मध्यकालीन इतिहास प्रश्न का प्रमाण-आधारित उत्तर आइन-ए-अकबरी है। आइन-ए-अकबरी अकबरनामा का प्रशासनिक और सांख्यिकीय तीसरा भाग है, जिसमें पद, राजस्व, सेना, दरबार और प्रांत वर्णित हैं। गलत विकल्पों को भी अलग करना आवश्यक है: रज्मनामा भिन्न संस्था, संदर्भ या कालक्रम से जुड़ा है; तबकात-ए-अकबरी प्रश्न में बताए कार्य को पूरा नहीं करता; और इकबालनामा अपेक्षित ऐतिहासिक संबंध से मेल नहीं खाता। “अबुल फजल के अकबरनामा का कौन-सा भाग अकबर के प्रशासन और साम्राज्य का व्यवस्थित विवरण देता है?” की भाषा जानबूझकर विशिष्ट रखी गई है, इसलिए पहले उसके केंद्रीय संकेत को पहचानना चाहिए। पुनरावृत्ति में “अबुल फजल के अकबरनामा का कौन-सा भाग अकबर के प्रशासन और साम्राज्य का व्यवस्थित विवरण देता है? — आइन-ए-अकबरी” युग्म के साथ ऊपर दिया तथ्यात्मक कारण भी याद रखें।