यह युग्मित प्रश्न दो स्वतंत्र ऐतिहासिक संबंधों की जाँच करता है और दिए गए क्रम में दोनों उत्तर सही होना आवश्यक है। पहले कथन का सत्यापित उत्तर महात्मा गांधी है। संशोधित प्रश्न में तथ्य, भूमिका और समयक्रम को प्रमाणित स्रोत के अनुरूप ठीक किया गया है। “बीसवीं शताब्दी के भारतीय सार्वजनिक विमर्श में पूर्व अस्पृश्य समुदायों के लिए ‘हरिजन’ शब्द को किसने लोकप्रिय बनाया?” की भाषा में तिथि, स्थान और परिणाम का जो संयोजन है, वह महात्मा गांधी को निर्णायक बनाता है; केवल उसी काल का प्रसिद्ध नाम पर्याप्त नहीं है। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं दूसरे कथन का समर्थित उत्तर झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई है। प्रश्न में दिए गए संदर्भ के अनुसार सही उत्तर झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई है। समयक्रम के आधार पर झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई प्रश्न में माँगे गए स्थान पर आता है। किसी समकालीन व्यक्ति का सामान्य संबंध इस सटीक भूमिका का विकल्प नहीं बनता। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई पर लागू होता है। विकल्पों को इसलिए सही क्रमित युग्म महात्मा गांधी और फिर झाँसी की रानी लक्ष्मीबाई है। केवल एक सही घटक वाला विकल्प स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रश्न पूर्ण दो-भागीय मिलान माँगता है। यह प्रारूप समयक्रम, भूमिका और विकल्प तुलना की क्षमता मजबूत करता है।