यह युग्मित प्रश्न दो स्वतंत्र ऐतिहासिक संबंधों की जाँच करता है और दिए गए क्रम में दोनों उत्तर सही होना आवश्यक है। पहले कथन का सत्यापित उत्तर 1938 है। इस प्रश्न में भूमिका सबसे महत्त्वपूर्ण है। 1938 के पक्ष में उपलब्ध तथ्य उसी भूमिका की पुष्टि करता है, जबकि उसी आंदोलन से जुड़ाव मात्र पर्याप्त नहीं। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ 1938 पर लागू होता है। तीनों distractors की जाँच करने पर स्पष्ट होता है कि 1936, 1940 और 1932 में से प्रत्येक प्रश्न की कम-से-कम एक दूसरे कथन का समर्थित उत्तर आवश्यकता पड़ने पर किसी भी रियासत के मामलों में हस्तक्षेप और शासक के निर्णय को निष्प्रभावी करना है। आवश्यकता पड़ने पर किसी भी रियासत के मामलों में हस्तक्षेप और शासक के निर्णय को निष्प्रभावी करना के पक्ष में उपलब्ध तथ्य उसी भूमिका की पुष्टि करता है, जबकि उसी आंदोलन से जुड़ाव मात्र पर्याप्त नहीं। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ आवश्यकता पड़ने पर किसी भी रियासत के मामलों में हस्तक्षेप इसलिए सही क्रमित युग्म 1938 और फिर आवश्यकता पड़ने पर किसी भी रियासत के मामलों में हस्तक्षेप और शासक के निर्णय को निष्प्रभावी करना है। केवल एक सही घटक वाला विकल्प स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रश्न पूर्ण दो-भागीय मिलान माँगता है। यह प्रारूप समयक्रम, भूमिका और विकल्प तुलना की क्षमता मजबूत करता है।