यह युग्मित प्रश्न दो स्वतंत्र ऐतिहासिक संबंधों की जाँच करता है और दिए गए क्रम में दोनों उत्तर सही होना आवश्यक है। पहले कथन का सत्यापित उत्तर भारतीय आर्थिक इतिहास और ब्रिटिश आर्थिक नीतियों की आलोचना है। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ भारतीय आर्थिक इतिहास और ब्रिटिश आर्थिक नीतियों की आलोचना पर लागू होता है। सैन्य सेवा, धार्मिक साहित्य और कृषि सुधार से तुलना बताती है कि केवल काल की पहचान पर्याप्त नहीं; वास्तविक भूमिका और परिणाम उत्तर तय करते हैं। दिए गए स्रोत में भारतीय आर्थिक इतिहास और ब्रिटिश आर्थिक नीतियों की आलोचना से दूसरे कथन का समर्थित उत्तर डोमिनियन दर्जे की ओर उत्तरदायी शासन का क्रमिक विकास है। प्रश्न में दिए गए संदर्भ के अनुसार सही उत्तर डोमिनियन दर्जे की ओर उत्तरदायी शासन का क्रमिक विकास है। यहाँ व्यक्ति, समय और परिणाम—तीनों का मेल आवश्यक है और डोमिनियन दर्जे की ओर उत्तरदायी शासन का क्रमिक विकास इन तीनों संकेतों के अनुरूप है। यह विकास राष्ट्रीय आंदोलन के उस व्यापक क्रम का हिस्सा था जिसमें संवैधानिक वार्ता, बहिष्कार, जन-आंदोलन, सविनय अवज्ञा और क्रांतिकारी गतिविधियाँ अलग-अलग रणनीतियों के रूप में सामने आईं; निकटवर्ती अधिवेशनों और चरणों की भूमिकाओं को अलग समझना आवश्यक है; यही अंतर यहाँ डोमिनियन दर्जे की ओर उत्तरदायी शासन का क्रमिक विकास इसलिए सही क्रमित युग्म भारतीय आर्थिक इतिहास और ब्रिटिश आर्थिक नीतियों की आलोचना और फिर डोमिनियन दर्जे की ओर उत्तरदायी शासन का क्रमिक विकास है। केवल एक सही घटक वाला विकल्प स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रश्न पूर्ण दो-भागीय मिलान माँगता है। यह प्रारूप समयक्रम, भूमिका और विकल्प तुलना की क्षमता मजबूत करता है।