साइमन कमीशन (1928) ही वह घटना है जो 1928 में सर जॉन साइमन से जुड़ी थी, क्योंकि इसमें कोई भारतीय सदस्य शामिल नहीं था, जिसके कारण 'साइमन गो बैक' का नारा गूंजा। साइमन कमीशन के बारे में: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और अन्य दलों ने भारत में हर जगह इस कमीशन का बहिष्कार किया, और इसकी प्रतिक्रिया में हुई सर्वदलीय बैठक ने उसी वर्ष नेहरू रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में सीधा योगदान दिया। साइमन कमीशन भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) के कालखंड का हिस्सा है, और परीक्षा में इसे प्रायः इसी समयरेखा की पड़ोसी घटनाओं के साथ जोड़कर पूछा जाता है। स्वतंत्रता दिवस प्रतिज्ञा गलत है क्योंकि स्वतंत्रता दिवस प्रतिज्ञा 1930 में हुआ था, 1928 में नहीं, इसलिए यह साइमन कमीशन से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। कांग्रेस का कराची अधिवेशन गलत है क्योंकि कांग्रेस का कराची अधिवेशन 1931 में हुआ था, 1928 में नहीं, इसलिए यह साइमन कमीशन से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। कांग्रेस मंत्रिमंडल गलत है क्योंकि कांग्रेस मंत्रिमंडल 1937 में हुआ था, 1928 में नहीं, इसलिए यह साइमन कमीशन से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में साइमन कमीशन (1928) से जुड़ा प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए वर्ष, प्रमुख व्यक्ति और परिणाम को एक साथ याद रखने से राष्ट्रीय आंदोलन की समयरेखा की अन्य घटनाओं से भ्रम नहीं होता। साइमन कमीशन की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को इससे ठीक पहले और बाद की घटनाओं को भी 1927-1947 की समयरेखा में दोहराना चाहिए, क्योंकि प्रश्न बनाने वाले प्रायः निकटवर्ती वर्षों और जुड़े व्यक्तित्वों का उपयोग विकल्पों में करते हैं।