भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस स्वतंत्रता दिवस प्रतिज्ञा (1930) से सबसे अधिक जुड़े थे, क्योंकि पूर्ण स्वराज प्रस्ताव के बाद 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस प्रतिज्ञा के बारे में: यह प्रतिज्ञा पूरे भारत में सार्वजनिक सभाओं में पढ़ी गई और वास्तविक स्वतंत्रता (अगस्त 1947) से वर्षों पहले, स्वतंत्रता दिवस का पहला संगठित, राष्ट्रव्यापी आयोजन बन गई। स्वतंत्रता दिवस प्रतिज्ञा भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) के कालखंड का हिस्सा है, और परीक्षा में इसे प्रायः इसी समयरेखा की पड़ोसी घटनाओं के साथ जोड़कर पूछा जाता है। सरदार वल्लभभाई पटेल गलत है क्योंकि सरदार वल्लभभाई पटेल कांग्रेस का कराची अधिवेशन (1931) से जुड़े हैं, स्वतंत्रता दिवस प्रतिज्ञा से नहीं। सुभाष चंद्र बोस गलत है क्योंकि वे इस दौर की किसी अन्य घटना से जुड़े हैं, सीधे स्वतंत्रता दिवस प्रतिज्ञा से नहीं। सर स्टैफर्ड क्रिप्स गलत है क्योंकि सर स्टैफर्ड क्रिप्स क्रिप्स मिशन (1942) से जुड़े हैं, स्वतंत्रता दिवस प्रतिज्ञा से नहीं। SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में स्वतंत्रता दिवस प्रतिज्ञा (1930) से जुड़ा प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए वर्ष, प्रमुख व्यक्ति और परिणाम को एक साथ याद रखने से राष्ट्रीय आंदोलन की समयरेखा की अन्य घटनाओं से भ्रम नहीं होता। स्वतंत्रता दिवस प्रतिज्ञा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को इससे ठीक पहले और बाद की घटनाओं को भी 1927-1947 की समयरेखा में दोहराना चाहिए, क्योंकि प्रश्न बनाने वाले प्रायः निकटवर्ती वर्षों और जुड़े व्यक्तित्वों का उपयोग विकल्पों में करते हैं। याद रखें: स्वतंत्रता दिवस प्रतिज्ञा — 1930 — भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस।