Exambodh - योग्यता, रीजनिंग और GK प्रश्नों का अभ्यास
Play Quiz
भारतीय इतिहास
easyQ. No. 16123-which-statement-best-explains-the-significance-of-the-gandhi-irwin-pact

गांधी-इरविन समझौता के महत्व को कौन-सा कथन सबसे बेहतर समझाता है?

Last Updated:

यह प्रश्न भारत के राष्ट्रीय आंदोलन की एक महत्वपूर्ण घटना गांधी-इरविन समझौता (1931) पर आधारित है, जो महात्मा गांधी और लॉर्ड इरविन से सबसे अधिक जुड़ी है, क्योंकि इसने सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित किया और कांग्रेस को दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने में सक्षम बनाया। गांधी-इरविन समझौता, भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) की समयरेखा की एक कड़ी है। गांधी-इरविन समझौता जैसी घटनाओं से जुड़े प्रश्न SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी परीक्षाओं में नियमित रूप से पूछे जाते हैं, इसलिए उम्मीदवारों को यह उच्च-स्कोरिंग विषय ध्यान से दोहराना चाहिए।

Aइसने सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित किया और कांग्रेस को दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने में सक्षम बनाया।
Bइसने सभी राष्ट्रवादी गतिविधियों को स्थायी रूप से समाप्त कर दिया।
Cइसने बिना किसी वार्ता के तुरंत एक संप्रभु गणराज्य की स्थापना कर दी।
Dयह केवल एक स्थानीय आर्थिक उपाय था जिसका कोई राजनीतिक प्रभाव नहीं था।
Correct Answer: इसने सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित किया और कांग्रेस को दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने में सक्षम बनाया।Your Answer: A

Explanation

इसने सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित किया और कांग्रेस को दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने में सक्षम बनाया। यही गांधी-इरविन समझौता (1931) का वास्तविक महत्व है। गांधी-इरविन समझौता के बारे में: इस पर महात्मा गांधी और वायसराय लॉर्ड इरविन ने हस्ताक्षर किए, और कांग्रेस के दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने के बदले सरकार उन राजनीतिक बंदियों को रिहा करने पर सहमत हुई जो हिंसा के दोषी नहीं थे। गांधी-इरविन समझौता भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) के कालखंड का हिस्सा है, और परीक्षा में इसे प्रायः इसी समयरेखा की पड़ोसी घटनाओं के साथ जोड़कर पूछा जाता है। कथन "इसने सभी राष्ट्रवादी गतिविधियों को स्थायी रूप से समाप्त कर दिया।" गांधी-इरविन समझौता के लिए गलत है क्योंकि यह वास्तविक परिणाम को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है, जबकि सही परिणाम था: इसने सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित किया और कांग्रेस को दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने में सक्षम बनाया। कथन "इसने बिना किसी वार्ता के तुरंत एक संप्रभु गणराज्य की स्थापना कर दी।" गांधी-इरविन समझौता के लिए गलत है क्योंकि यह वास्तविक परिणाम को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है, जबकि सही परिणाम था: इसने सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित किया और कांग्रेस को दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने में सक्षम बनाया। कथन "यह केवल एक स्थानीय आर्थिक उपाय था जिसका कोई राजनीतिक प्रभाव नहीं था।" गांधी-इरविन समझौता के लिए गलत है क्योंकि यह वास्तविक परिणाम को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है, जबकि सही परिणाम था: इसने सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित किया और कांग्रेस को दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने में सक्षम बनाया।

महत्वपूर्ण नोट्स

  • गांधी-इरविन समझौता: वर्ष 1931, राष्ट्रीय आंदोलन की समयरेखा के लिए एक मुख्य Static GK तथ्य।
  • महात्मा गांधी और लॉर्ड इरविन वह व्यक्ति हैं जो गांधी-इरविन समझौता से सबसे अधिक जुड़े हैं, इसे ठीक से याद रखें।
  • गांधी-इरविन समझौता का महत्व: इसने सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित किया और कांग्रेस को दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने में सक्षम बनाया।
  • गांधी-इरविन समझौता याद रखने की तरकीब: ‘गांधी + इरविन = संधि’ सोचकर इस घटना और इसके वर्ष को तुरंत याद करें।

Related Questions

View All

Test your राष्ट्रीय आंदोलन (1927–1947) knowledge

Start Topic Test