सर स्टैफर्ड क्रिप्स क्रिप्स मिशन (1942) से सबसे अधिक जुड़े थे, क्योंकि इसमें युद्ध के बाद डोमिनियन स्टेटस की पेशकश की गई, लेकिन यह भारतीय राजनीतिक मांगों को संतुष्ट करने में विफल रहा। क्रिप्स मिशन के बारे में: सर स्टैफर्ड क्रिप्स द्वितीय विश्व युद्ध के गहरे संकट के दौरान यह प्रस्ताव लेकर आए, लेकिन कांग्रेस ने इसे अस्वीकार कर दिया और इसे 'डूबते हुए बैंक का पोस्ट-डेटेड चेक' बताया। क्रिप्स मिशन भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) के कालखंड का हिस्सा है, और परीक्षा में इसे प्रायः इसी समयरेखा की पड़ोसी घटनाओं के साथ जोड़कर पूछा जाता है। जवाहरलाल नेहरू गलत है क्योंकि जवाहरलाल नेहरू कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन (1929) से जुड़े हैं, क्रिप्स मिशन से नहीं। महात्मा गांधी और लॉर्ड इरविन गलत है क्योंकि महात्मा गांधी और लॉर्ड इरविन गांधी-इरविन समझौता (1931) से जुड़े हैं, क्रिप्स मिशन से नहीं। लॉर्ड माउंटबेटन गलत है क्योंकि लॉर्ड माउंटबेटन माउंटबेटन योजना (1947) से जुड़े हैं, क्रिप्स मिशन से नहीं। SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में क्रिप्स मिशन (1942) से जुड़ा प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए वर्ष, प्रमुख व्यक्ति और परिणाम को एक साथ याद रखने से राष्ट्रीय आंदोलन की समयरेखा की अन्य घटनाओं से भ्रम नहीं होता। क्रिप्स मिशन की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को इससे ठीक पहले और बाद की घटनाओं को भी 1927-1947 की समयरेखा में दोहराना चाहिए, क्योंकि प्रश्न बनाने वाले प्रायः निकटवर्ती वर्षों और जुड़े व्यक्तित्वों का उपयोग विकल्पों में करते हैं। याद रखें: क्रिप्स मिशन — 1942 — सर स्टैफर्ड क्रिप्स।