नाभिकीय संलयन वह प्रक्रिया है जो सूर्य और अन्य तारों को ऊर्जा प्रदान करती है। विकल्प B सही है: नाभिकीय संलयन में दो हल्के परमाणु नाभिक, आमतौर पर हाइड्रोजन समस्थानिक (ड्यूटेरियम और ट्रिटियम), अत्यधिक उच्च तापमान और दाब पर मिलकर एक भारी नाभिक (हीलियम) बनाते हैं और भारी मात्रा में ऊर्जा मुक्त करते हैं। विकल्प A गलत है: भारी नाभिक का विभाजन नाभिकीय विखंडन है जो विपरीत प्रक्रिया है। विकल्प C गलत है: नाभिक से न्यूट्रॉन उत्सर्जन विखंडन या रेडियोएक्टिव क्षय में हो सकता है, यह संलयन नहीं है। विकल्प D गलत है: रेडियोएक्टिव नाभिक का क्षय अलग नाभिकीय प्रक्रिया है। हाइड्रोजन बम में अनियंत्रित नाभिकीय संलयन होता है।