भारत की प्राकृतिक वनस्पति में कौन-सा पद उद्गम या स्थान “पश्चिमी घाट, पूर्वोत्तर भारत और अंडमान-निकोबार के अत्यधिक आर्द्र भागों में पाया जाता है” तथा “आबनूस, महोगनी और रोजवुड इसकी विशिष्ट वृक्ष प्रजातियां हैं” से सही रूप से संबंधित है?
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सही उत्तर: विकल्प B — उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन। उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन की सही पहचान पश्चिमी घाट, पूर्वोत्तर भारत और अंडमान-निकोबार के अत्यधिक आर्द्र भागों में पाया जाता है के रूप में होती है। उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन का संबंध आबनूस, महोगनी और रोजवुड इसकी विशिष्ट वृक्ष प्रजातियां हैं से भी है। उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन की एक अन्य पहचान आबनूस, महोगनी और रोजवुड इसकी विशिष्ट वृक्ष प्रजातियां हैं है। उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य अधिक वर्षा तथा छोटी या अनुपस्थित शुष्क ऋतु इसकी वृद्धि में सहायक है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — उष्णकटिबंधीय अर्ध-सदाबहार वन: उष्णकटिबंधीय अर्ध-सदाबहार वन अधिक वर्षा वाले उन क्षेत्रों में पाया जाता है जहां शुष्क ऋतु सदाबहार क्षेत्रों से अधिक स्पष्ट होती है है। यहां यह गलत है क्योंकि उष्णकटिबंधीय अर्ध-सदाबहार वन का वास्तविक संबंध इसमें सदाबहार और पर्णपाती दोनों प्रकार की प्रजातियां मिलती हैं से है। • विकल्प C — उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन: उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन पूर्वी भारत, हिमालय की तलहटी और मध्य भारत के आर्द्र भागों में व्यापक रूप से पाया जाता है है। यहां यह गलत है क्योंकि उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन का वास्तविक संबंध विभिन्न क्षेत्रों में साल और सागौन प्रमुख व्यावसायिक वृक्ष हैं से है। • विकल्प D — उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन: उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के वर्षाछाया तथा अपेक्षाकृत शुष्क भागों में सामान्य है है। यहां यह गलत है क्योंकि उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन का वास्तविक संबंध सागौन, पलाश और तेंदू सामान्यतः संबंधित प्रजातियां हैं से है। परीक्षा सार: उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन को “पश्चिमी घाट, पूर्वोत्तर भारत और अंडमान-निकोबार के अत्यधिक आर्द्र भागों में पाया जाता है” और “आबनूस, महोगनी और रोजवुड इसकी विशिष्ट वृक्ष प्रजातियां हैं” से जोड़कर याद रखें।