भारत की प्राकृतिक वनस्पति में कौन-सा पद प्रवाह, बेसिन या संबंधित विशेषता “आबनूस, महोगनी और रोजवुड इसकी विशिष्ट वृक्ष प्रजातियां हैं” तथा “अधिक वर्षा तथा छोटी या अनुपस्थित शुष्क ऋतु इसकी वृद्धि में सहायक है” से सही रूप से संबंधित है?
Last Updated:
Last Updated:
सही उत्तर: विकल्प C — उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन। उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन की सही पहचान आबनूस, महोगनी और रोजवुड इसकी विशिष्ट वृक्ष प्रजातियां हैं के रूप में होती है। उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन का संबंध अधिक वर्षा तथा छोटी या अनुपस्थित शुष्क ऋतु इसकी वृद्धि में सहायक है से भी है। उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन की एक अन्य पहचान आबनूस, महोगनी और रोजवुड इसकी विशिष्ट वृक्ष प्रजातियां हैं है। उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य अधिक वर्षा तथा छोटी या अनुपस्थित शुष्क ऋतु इसकी वृद्धि में सहायक है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — उष्णकटिबंधीय अर्ध-सदाबहार वन: उष्णकटिबंधीय अर्ध-सदाबहार वन इसमें सदाबहार और पर्णपाती दोनों प्रकार की प्रजातियां मिलती हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि उष्णकटिबंधीय अर्ध-सदाबहार वन का वास्तविक संबंध उपयुक्त क्षेत्रीय संरचनाओं में सफेद देवदार, हॉलॉक और कैल पाए जा सकते हैं से है। • विकल्प B — उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन: उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन विभिन्न क्षेत्रों में साल और सागौन प्रमुख व्यावसायिक वृक्ष हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन का वास्तविक संबंध यह सामान्यतः मध्यम से अधिक मौसमी वर्षा में विकसित होता है से है। • विकल्प D — उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन: उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन सागौन, पलाश और तेंदू सामान्यतः संबंधित प्रजातियां हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन का वास्तविक संबंध शुष्क महीनों में जल हानि घटाने के लिए वृक्ष पत्तियां गिराते हैं से है। परीक्षा सार: उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन को “आबनूस, महोगनी और रोजवुड इसकी विशिष्ट वृक्ष प्रजातियां हैं” और “अधिक वर्षा तथा छोटी या अनुपस्थित शुष्क ऋतु इसकी वृद्धि में सहायक है” से जोड़कर याद रखें।