जैन तीर्थंकरों की जीवनियाँ समाहित करने वाला कल्पसूत्र परंपरागत रूप से किसकी रचना माना जाता है?
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यह प्रश्न जैन धर्म के इतिहास, सिद्धांत, तीर्थंकर-परंपरा अथवा महावीर के जीवन से जुड़े एक महत्त्वपूर्ण तथ्य को स्पष्ट करता है। सही उत्तर भद्रबाहु है। कल्पसूत्र परंपरागत रूप से भद्रबाहु की रचना माना जाता है और इसमें तीर्थंकरों, विशेषतः महावीर, के जीवन-वृत्त तथा मठवासी नियम मिलते हैं। देवर्धिगणि वल्लभी की बाद की परिषद, हेमचंद्र मध्यकालीन जैन विद्वान और स्थूलभद्र प्रारंभिक जैन आचार्य थे। उत्तर चुनते समय जैन और बौद्ध शब्दावली, परंपरागत जीवन-वृत्त तथा आधुनिक ऐतिहासिक सावधानी को अलग-अलग समझना आवश्यक है। प्रश्न में दिए गए निकट विकल्प प्रायः किसी दूसरे धर्म, बाद के जैन आचार्य या भिन्न घटना से संबंधित होते हैं।