दांडी मार्च (1930) ही वह घटना है जो 1930 में महात्मा गांधी से जुड़ी थी, क्योंकि इसने नमक कानून तोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की। दांडी मार्च के बारे में: गांधी ने साबरमती आश्रम से तटीय गांव दांडी तक चौबीस दिनों में लगभग 385 किलोमीटर की यात्रा की, और इस मार्च ने देशभर में व्यापक सविनय अवज्ञा आंदोलन को सीधे जन्म दिया। दांडी मार्च भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) के कालखंड का हिस्सा है, और परीक्षा में इसे प्रायः इसी समयरेखा की पड़ोसी घटनाओं के साथ जोड़कर पूछा जाता है। पूना समझौता गलत है क्योंकि पूना समझौता 1932 में हुआ था, 1930 में नहीं, इसलिए यह दांडी मार्च से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। फॉरवर्ड ब्लॉक गलत है क्योंकि फॉरवर्ड ब्लॉक 1939 में हुआ था, 1930 में नहीं, इसलिए यह दांडी मार्च से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। क्रिप्स मिशन गलत है क्योंकि क्रिप्स मिशन 1942 में हुआ था, 1930 में नहीं, इसलिए यह दांडी मार्च से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में दांडी मार्च (1930) से जुड़ा प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए वर्ष, प्रमुख व्यक्ति और परिणाम को एक साथ याद रखने से राष्ट्रीय आंदोलन की समयरेखा की अन्य घटनाओं से भ्रम नहीं होता। दांडी मार्च की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को इससे ठीक पहले और बाद की घटनाओं को भी 1927-1947 की समयरेखा में दोहराना चाहिए, क्योंकि प्रश्न बनाने वाले प्रायः निकटवर्ती वर्षों और जुड़े व्यक्तित्वों का उपयोग विकल्पों में करते हैं। याद रखें: दांडी मार्च — 1930 — महात्मा गांधी।