कांग्रेस का कराची अधिवेशन (1931) ही वह घटना है जो 1931 में सरदार वल्लभभाई पटेल से जुड़ी थी, क्योंकि इसमें मौलिक अधिकारों और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम का समर्थन किया गया। कांग्रेस का कराची अधिवेशन के बारे में: यह मुख्यतः जवाहरलाल नेहरू द्वारा तैयार मौलिक अधिकार और राष्ट्रीय आर्थिक नीति प्रस्ताव के लिए याद किया जाता है, जिसने आगे चलकर भारतीय संविधान के मौलिक अधिकार अध्याय को प्रभावित किया। कांग्रेस का कराची अधिवेशन भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) के कालखंड का हिस्सा है, और परीक्षा में इसे प्रायः इसी समयरेखा की पड़ोसी घटनाओं के साथ जोड़कर पूछा जाता है। व्यक्तिगत सत्याग्रह गलत है क्योंकि व्यक्तिगत सत्याग्रह 1940 में हुआ था, 1931 में नहीं, इसलिए यह कांग्रेस का कराची अधिवेशन से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। आजाद हिंद फौज गलत है क्योंकि आजाद हिंद फौज 1943 में हुआ था, 1931 में नहीं, इसलिए यह कांग्रेस का कराची अधिवेशन से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। कांग्रेस मंत्रिमंडल गलत है क्योंकि कांग्रेस मंत्रिमंडल 1937 में हुआ था, 1931 में नहीं, इसलिए यह कांग्रेस का कराची अधिवेशन से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में कांग्रेस का कराची अधिवेशन (1931) से जुड़ा प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए वर्ष, प्रमुख व्यक्ति और परिणाम को एक साथ याद रखने से राष्ट्रीय आंदोलन की समयरेखा की अन्य घटनाओं से भ्रम नहीं होता। कांग्रेस का कराची अधिवेशन की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को इससे ठीक पहले और बाद की घटनाओं को भी 1927-1947 की समयरेखा में दोहराना चाहिए, क्योंकि प्रश्न बनाने वाले प्रायः निकटवर्ती वर्षों और जुड़े व्यक्तित्वों का उपयोग विकल्पों में करते हैं।