भारत शासन अधिनियम सही रूप से 1935 वर्ष से जुड़ा है, क्योंकि इसने प्रांतीय स्वायत्तता की शुरुआत की और अखिल भारतीय संघ का प्रस्ताव रखा। भारत शासन अधिनियम के बारे में: यह उस समय तक ब्रिटिश संसद द्वारा पारित सबसे लंबा अधिनियम था, और स्वतंत्रता के बाद भारतीय संविधान के निर्माताओं ने बड़े बदलावों के साथ इसी को आधारभूत ढांचे के रूप में अपनाया। भारत शासन अधिनियम भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) के कालखंड का हिस्सा है, और परीक्षा में इसे प्रायः इसी समयरेखा की पड़ोसी घटनाओं के साथ जोड़कर पूछा जाता है। भारत छोड़ो आंदोलन गलत है क्योंकि भारत छोड़ो आंदोलन 1942 में हुआ था, 1935 में नहीं, इसलिए यह भारत शासन अधिनियम से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। आईएनए मुकदमे गलत है क्योंकि आईएनए मुकदमे 1945 में हुआ था, 1935 में नहीं, इसलिए यह भारत शासन अधिनियम से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। अगस्त प्रस्ताव गलत है क्योंकि अगस्त प्रस्ताव 1940 में हुआ था, 1935 में नहीं, इसलिए यह भारत शासन अधिनियम से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भारत शासन अधिनियम (1935) से जुड़ा प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए वर्ष, प्रमुख व्यक्ति और परिणाम को एक साथ याद रखने से राष्ट्रीय आंदोलन की समयरेखा की अन्य घटनाओं से भ्रम नहीं होता। भारत शासन अधिनियम की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को इससे ठीक पहले और बाद की घटनाओं को भी 1927-1947 की समयरेखा में दोहराना चाहिए, क्योंकि प्रश्न बनाने वाले प्रायः निकटवर्ती वर्षों और जुड़े व्यक्तित्वों का उपयोग विकल्पों में करते हैं। याद रखें: भारत शासन अधिनियम — 1935 — ब्रिटिश संसद।