व्यक्तिगत सत्याग्रह (1940) ही वह घटना है जो 1940 में विनोबा भावे से जुड़ी थी, क्योंकि इसने युद्ध में अनैच्छिक भागीदारी के विरुद्ध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार को प्रतिपादित किया। व्यक्तिगत सत्याग्रह के बारे में: गांधी ने विनोबा भावे को पहला व्यक्तिगत सत्याग्रही चुना और जवाहरलाल नेहरू को दूसरा, तथा इसे व्यापक जन आंदोलन के बजाय एक सीमित, प्रतीकात्मक विरोध के रूप में रखा गया। व्यक्तिगत सत्याग्रह भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) के कालखंड का हिस्सा है, और परीक्षा में इसे प्रायः इसी समयरेखा की पड़ोसी घटनाओं के साथ जोड़कर पूछा जाता है। आजाद हिंद फौज गलत है क्योंकि आजाद हिंद फौज 1943 में हुआ था, 1940 में नहीं, इसलिए यह व्यक्तिगत सत्याग्रह से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। कैबिनेट मिशन गलत है क्योंकि कैबिनेट मिशन 1946 में हुआ था, 1940 में नहीं, इसलिए यह व्यक्तिगत सत्याग्रह से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। नेहरू रिपोर्ट गलत है क्योंकि नेहरू रिपोर्ट 1928 में हुआ था, 1940 में नहीं, इसलिए यह व्यक्तिगत सत्याग्रह से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में व्यक्तिगत सत्याग्रह (1940) से जुड़ा प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए वर्ष, प्रमुख व्यक्ति और परिणाम को एक साथ याद रखने से राष्ट्रीय आंदोलन की समयरेखा की अन्य घटनाओं से भ्रम नहीं होता। व्यक्तिगत सत्याग्रह की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को इससे ठीक पहले और बाद की घटनाओं को भी 1927-1947 की समयरेखा में दोहराना चाहिए, क्योंकि प्रश्न बनाने वाले प्रायः निकटवर्ती वर्षों और जुड़े व्यक्तित्वों का उपयोग विकल्पों में करते हैं। याद रखें: व्यक्तिगत सत्याग्रह — 1940 — विनोबा भावे।