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भारतीय इतिहास
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भारत छोड़ो आंदोलन के महत्व को कौन-सा कथन सबसे बेहतर समझाता है?

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यह प्रश्न भारत के राष्ट्रीय आंदोलन की एक महत्वपूर्ण घटना भारत छोड़ो आंदोलन (1942) पर आधारित है, जो महात्मा गांधी से सबसे अधिक जुड़ी है, क्योंकि बंबई अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित हुआ और गांधीजी ने 'करो या मरो' का आह्वान किया। भारत छोड़ो आंदोलन, भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) की समयरेखा की एक कड़ी है। भारत छोड़ो आंदोलन जैसी घटनाओं से जुड़े प्रश्न SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी परीक्षाओं में नियमित रूप से पूछे जाते हैं, इसलिए उम्मीदवारों को यह उच्च-स्कोरिंग विषय ध्यान से दोहराना चाहिए।

Aयह केवल एक स्थानीय आर्थिक उपाय था जिसका कोई राजनीतिक प्रभाव नहीं था।
Bबंबई अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित हुआ और गांधीजी ने 'करो या मरो' का आह्वान किया।
Cइसने सभी राष्ट्रवादी गतिविधियों को स्थायी रूप से समाप्त कर दिया।
Dइसने बिना किसी वार्ता के तुरंत एक संप्रभु गणराज्य की स्थापना कर दी।
Correct Answer: बंबई अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित हुआ और गांधीजी ने 'करो या मरो' का आह्वान किया।Your Answer: B

Explanation

बंबई अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित हुआ और गांधीजी ने 'करो या मरो' का आह्वान किया। यही भारत छोड़ो आंदोलन (1942) का वास्तविक महत्व है। भारत छोड़ो आंदोलन के बारे में: AICC प्रस्ताव के तुरंत बाद गांधी सहित शीर्ष कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, और उसके बाद यह आंदोलन महीनों तक बिना किसी केंद्रीय नेतृत्व के, फिर भी व्यापक जन उभार के रूप में जारी रहा। भारत छोड़ो आंदोलन भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) के कालखंड का हिस्सा है, और परीक्षा में इसे प्रायः इसी समयरेखा की पड़ोसी घटनाओं के साथ जोड़कर पूछा जाता है। कथन "यह केवल एक स्थानीय आर्थिक उपाय था जिसका कोई राजनीतिक प्रभाव नहीं था।" भारत छोड़ो आंदोलन के लिए गलत है क्योंकि यह वास्तविक परिणाम को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है, जबकि सही परिणाम था: बंबई अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित हुआ और गांधीजी ने 'करो या मरो' का आह्वान किया। कथन "इसने सभी राष्ट्रवादी गतिविधियों को स्थायी रूप से समाप्त कर दिया।" भारत छोड़ो आंदोलन के लिए गलत है क्योंकि यह वास्तविक परिणाम को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है, जबकि सही परिणाम था: बंबई अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित हुआ और गांधीजी ने 'करो या मरो' का आह्वान किया। कथन "इसने बिना किसी वार्ता के तुरंत एक संप्रभु गणराज्य की स्थापना कर दी।" भारत छोड़ो आंदोलन के लिए गलत है क्योंकि यह वास्तविक परिणाम को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है, जबकि सही परिणाम था: बंबई अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित हुआ और गांधीजी ने 'करो या मरो' का आह्वान किया।

महत्वपूर्ण नोट्स

  • भारत छोड़ो आंदोलन: वर्ष 1942, राष्ट्रीय आंदोलन की समयरेखा के लिए एक मुख्य Static GK तथ्य।
  • महात्मा गांधी वह व्यक्ति हैं जो भारत छोड़ो आंदोलन से सबसे अधिक जुड़े हैं, इसे ठीक से याद रखें।
  • भारत छोड़ो आंदोलन का महत्व: बंबई अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित हुआ और गांधीजी ने 'करो या मरो' का आह्वान किया।
  • भारत छोड़ो आंदोलन याद रखने की तरकीब: ‘करो या मरो, 1942’ सोचकर इस घटना और इसके वर्ष को तुरंत याद करें।

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