भारत छोड़ो आंदोलन (1942) ही वह घटना है जो 1942 में महात्मा गांधी से जुड़ी थी, क्योंकि बंबई अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित हुआ और गांधीजी ने 'करो या मरो' का आह्वान किया। भारत छोड़ो आंदोलन के बारे में: AICC प्रस्ताव के तुरंत बाद गांधी सहित शीर्ष कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया, और उसके बाद यह आंदोलन महीनों तक बिना किसी केंद्रीय नेतृत्व के, फिर भी व्यापक जन उभार के रूप में जारी रहा। भारत छोड़ो आंदोलन भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) के कालखंड का हिस्सा है, और परीक्षा में इसे प्रायः इसी समयरेखा की पड़ोसी घटनाओं के साथ जोड़कर पूछा जाता है। साइमन कमीशन गलत है क्योंकि साइमन कमीशन 1928 में हुआ था, 1942 में नहीं, इसलिए यह भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। स्वतंत्रता दिवस प्रतिज्ञा गलत है क्योंकि स्वतंत्रता दिवस प्रतिज्ञा 1930 में हुआ था, 1942 में नहीं, इसलिए यह भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। आईएनए मुकदमे गलत है क्योंकि आईएनए मुकदमे 1945 में हुआ था, 1942 में नहीं, इसलिए यह भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भारत छोड़ो आंदोलन (1942) से जुड़ा प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए वर्ष, प्रमुख व्यक्ति और परिणाम को एक साथ याद रखने से राष्ट्रीय आंदोलन की समयरेखा की अन्य घटनाओं से भ्रम नहीं होता। भारत छोड़ो आंदोलन की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को इससे ठीक पहले और बाद की घटनाओं को भी 1927-1947 की समयरेखा में दोहराना चाहिए, क्योंकि प्रश्न बनाने वाले प्रायः निकटवर्ती वर्षों और जुड़े व्यक्तित्वों का उपयोग विकल्पों में करते हैं।