बोस ने आईएनए का पुनर्गठन किया और आजाद हिंद की अस्थायी सरकार की घोषणा की। यही आजाद हिंद फौज (1943) का वास्तविक महत्व है। आजाद हिंद फौज के बारे में: इसके नारे 'दिल्ली चलो' और 'जय हिंद' प्रसिद्ध राष्ट्रवादी नारे बन गए, और आईएनए ने 1944 के इंफाल-कोहिमा अभियान में जापानी सेनाओं के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी। आजाद हिंद फौज भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) के कालखंड का हिस्सा है, और परीक्षा में इसे प्रायः इसी समयरेखा की पड़ोसी घटनाओं के साथ जोड़कर पूछा जाता है। कथन "इसने बिना किसी वार्ता के तुरंत एक संप्रभु गणराज्य की स्थापना कर दी।" आजाद हिंद फौज के लिए गलत है क्योंकि यह वास्तविक परिणाम को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है, जबकि सही परिणाम था: बोस ने आईएनए का पुनर्गठन किया और आजाद हिंद की अस्थायी सरकार की घोषणा की। कथन "यह केवल एक स्थानीय आर्थिक उपाय था जिसका कोई राजनीतिक प्रभाव नहीं था।" आजाद हिंद फौज के लिए गलत है क्योंकि यह वास्तविक परिणाम को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है, जबकि सही परिणाम था: बोस ने आईएनए का पुनर्गठन किया और आजाद हिंद की अस्थायी सरकार की घोषणा की। कथन "इसने सभी राष्ट्रवादी गतिविधियों को स्थायी रूप से समाप्त कर दिया।" आजाद हिंद फौज के लिए गलत है क्योंकि यह वास्तविक परिणाम को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है, जबकि सही परिणाम था: बोस ने आईएनए का पुनर्गठन किया और आजाद हिंद की अस्थायी सरकार की घोषणा की। SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में आजाद हिंद फौज (1943) से जुड़ा प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए वर्ष, प्रमुख व्यक्ति और परिणाम को एक साथ याद रखने से राष्ट्रीय आंदोलन की समयरेखा की अन्य घटनाओं से भ्रम नहीं होता।