आजाद हिंद फौज (1943) ही वह घटना है जो 1943 में सुभाष चंद्र बोस से जुड़ी थी, क्योंकि बोस ने आईएनए का पुनर्गठन किया और आजाद हिंद की अस्थायी सरकार की घोषणा की। आजाद हिंद फौज के बारे में: इसके नारे 'दिल्ली चलो' और 'जय हिंद' प्रसिद्ध राष्ट्रवादी नारे बन गए, और आईएनए ने 1944 के इंफाल-कोहिमा अभियान में जापानी सेनाओं के साथ मिलकर लड़ाई लड़ी। आजाद हिंद फौज भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) के कालखंड का हिस्सा है, और परीक्षा में इसे प्रायः इसी समयरेखा की पड़ोसी घटनाओं के साथ जोड़कर पूछा जाता है। कैबिनेट मिशन गलत है क्योंकि कैबिनेट मिशन 1946 में हुआ था, 1943 में नहीं, इसलिए यह आजाद हिंद फौज से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। नेहरू रिपोर्ट गलत है क्योंकि नेहरू रिपोर्ट 1928 में हुआ था, 1943 में नहीं, इसलिए यह आजाद हिंद फौज से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। दांडी मार्च गलत है क्योंकि दांडी मार्च 1930 में हुआ था, 1943 में नहीं, इसलिए यह आजाद हिंद फौज से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में आजाद हिंद फौज (1943) से जुड़ा प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए वर्ष, प्रमुख व्यक्ति और परिणाम को एक साथ याद रखने से राष्ट्रीय आंदोलन की समयरेखा की अन्य घटनाओं से भ्रम नहीं होता। आजाद हिंद फौज की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को इससे ठीक पहले और बाद की घटनाओं को भी 1927-1947 की समयरेखा में दोहराना चाहिए, क्योंकि प्रश्न बनाने वाले प्रायः निकटवर्ती वर्षों और जुड़े व्यक्तित्वों का उपयोग विकल्पों में करते हैं। याद रखें: आजाद हिंद फौज — 1943 — सुभाष चंद्र बोस।