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भारतीय इतिहास
easyQ. No. 16180-identify-the-event-linked-with-shah-nawaz-khan-p-k-sahgal-and-gurbaksh-singh-dhillon-in-1945

1945 में शाहनवाज़ खान, पी. के. सहगल और गुरबख्श सिंह ढिल्लों से जुड़ी घटना पहचानिए।

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यह प्रश्न भारत के राष्ट्रीय आंदोलन की एक महत्वपूर्ण घटना आईएनए मुकदमे (1945) पर आधारित है, जो शाहनवाज़ खान, पी. सहगल और गुरबख्श सिंह ढिल्लों से सबसे अधिक जुड़ी है, क्योंकि लाल किले में हुए मुकदमों ने व्यापक राष्ट्रवादी सहानुभूति पैदा की। आईएनए मुकदमे, भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) की समयरेखा की एक कड़ी है। आईएनए मुकदमे जैसी घटनाओं से जुड़े प्रश्न SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी परीक्षाओं में नियमित रूप से पूछे जाते हैं, इसलिए उम्मीदवारों को यह उच्च-स्कोरिंग विषय ध्यान से दोहराना चाहिए।

Aगांधी-इरविन समझौता
Bकांग्रेस का कराची अधिवेशन
Cआईएनए मुकदमे
Dसाइमन कमीशन
Correct Answer: आईएनए मुकदमेYour Answer: C

Explanation

आईएनए मुकदमे (1945) ही वह घटना है जो 1945 में शाहनवाज़ खान, पी. सहगल और गुरबख्श सिंह ढिल्लों से जुड़ी थी, क्योंकि लाल किले में हुए मुकदमों ने व्यापक राष्ट्रवादी सहानुभूति पैदा की। आईएनए मुकदमे के बारे में: लाल किले में एक साथ मुकदमा झेलने वाले तीनों आईएनए अधिकारी तीन अलग-अलग धर्मों से थे, और इन मुकदमों से उपजी संयुक्त राष्ट्रवादी प्रतिक्रिया को ब्रिटेन को सत्ता हस्तांतरण की ओर धकेलने वाला एक बड़ा कारण माना जाता है। आईएनए मुकदमे भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) के कालखंड का हिस्सा है, और परीक्षा में इसे प्रायः इसी समयरेखा की पड़ोसी घटनाओं के साथ जोड़कर पूछा जाता है। गांधी-इरविन समझौता गलत है क्योंकि गांधी-इरविन समझौता 1931 में हुआ था, 1945 में नहीं, इसलिए यह आईएनए मुकदमे से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। कांग्रेस का कराची अधिवेशन गलत है क्योंकि कांग्रेस का कराची अधिवेशन 1931 में हुआ था, 1945 में नहीं, इसलिए यह आईएनए मुकदमे से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। साइमन कमीशन गलत है क्योंकि साइमन कमीशन 1928 में हुआ था, 1945 में नहीं, इसलिए यह आईएनए मुकदमे से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में आईएनए मुकदमे (1945) से जुड़ा प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए वर्ष, प्रमुख व्यक्ति और परिणाम को एक साथ याद रखने से राष्ट्रीय आंदोलन की समयरेखा की अन्य घटनाओं से भ्रम नहीं होता। आईएनए मुकदमे की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को इससे ठीक पहले और बाद की घटनाओं को भी 1927-1947 की समयरेखा में दोहराना चाहिए, क्योंकि प्रश्न बनाने वाले प्रायः निकटवर्ती वर्षों और जुड़े व्यक्तित्वों का उपयोग विकल्पों में करते हैं।

महत्वपूर्ण नोट्स

  • आईएनए मुकदमे: वर्ष 1945, राष्ट्रीय आंदोलन की समयरेखा के लिए एक मुख्य Static GK तथ्य।
  • शाहनवाज़ खान, पी. के. सहगल और गुरबख्श सिंह ढिल्लों वह व्यक्ति हैं जो आईएनए मुकदमे से सबसे अधिक जुड़े हैं, इसे ठीक से याद रखें।
  • आईएनए मुकदमे का महत्व: लाल किले में हुए मुकदमों ने व्यापक राष्ट्रवादी सहानुभूति पैदा की।
  • परीक्षा टिप: SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी परीक्षाओं में आईएनए मुकदमे (1945) को गांधी-इरविन समझौता (1931)، कांग्रेस का कराची अधिवेशन (1931) और साइमन कमीशन (1928) जैसे भ्रामक विकल्पों के साथ न मिलाएं।
  • आईएनए मुकदमे याद रखने की तरकीब: ‘लाल किला मुकदमे’ सोचकर इस घटना और इसके वर्ष को तुरंत याद करें।

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