लाल किले में हुए मुकदमों ने व्यापक राष्ट्रवादी सहानुभूति पैदा की। यही आईएनए मुकदमे (1945) का वास्तविक महत्व है। आईएनए मुकदमे के बारे में: लाल किले में एक साथ मुकदमा झेलने वाले तीनों आईएनए अधिकारी तीन अलग-अलग धर्मों से थे, और इन मुकदमों से उपजी संयुक्त राष्ट्रवादी प्रतिक्रिया को ब्रिटेन को सत्ता हस्तांतरण की ओर धकेलने वाला एक बड़ा कारण माना जाता है। आईएनए मुकदमे भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) के कालखंड का हिस्सा है, और परीक्षा में इसे प्रायः इसी समयरेखा की पड़ोसी घटनाओं के साथ जोड़कर पूछा जाता है। कथन "इसने सभी राष्ट्रवादी गतिविधियों को स्थायी रूप से समाप्त कर दिया।" आईएनए मुकदमे के लिए गलत है क्योंकि यह वास्तविक परिणाम को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है, जबकि सही परिणाम था: लाल किले में हुए मुकदमों ने व्यापक राष्ट्रवादी सहानुभूति पैदा की। कथन "इसने बिना किसी वार्ता के तुरंत एक संप्रभु गणराज्य की स्थापना कर दी।" आईएनए मुकदमे के लिए गलत है क्योंकि यह वास्तविक परिणाम को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है, जबकि सही परिणाम था: लाल किले में हुए मुकदमों ने व्यापक राष्ट्रवादी सहानुभूति पैदा की। कथन "यह केवल एक स्थानीय आर्थिक उपाय था जिसका कोई राजनीतिक प्रभाव नहीं था।" आईएनए मुकदमे के लिए गलत है क्योंकि यह वास्तविक परिणाम को बढ़ा-चढ़ाकर बताता है, जबकि सही परिणाम था: लाल किले में हुए मुकदमों ने व्यापक राष्ट्रवादी सहानुभूति पैदा की। SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में आईएनए मुकदमे (1945) से जुड़ा प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए वर्ष, प्रमुख व्यक्ति और परिणाम को एक साथ याद रखने से राष्ट्रीय आंदोलन की समयरेखा की अन्य घटनाओं से भ्रम नहीं होता।