सूर्य की ऊष्मा पृथ्वी तक किस विधि द्वारा पहुँचती है?
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सूर्य पृथ्वी से लगभग 150 मिलियन किलोमीटर (1.5 × 10⁸ km) दूर है, और उनके बीच का स्थान अनिवार्य रूप से निर्वात है। विकल्प A (चालन) गलत है — चालन के लिए प्रत्यक्ष भौतिक संपर्क या जुड़े हुए भौतिक माध्यम की आवश्यकता होती है। सूर्य और पृथ्वी के बीच निर्वात होने के कारण चालन नहीं हो सकता। विकल्प B (संवहन) गलत है — संवहन के लिए द्रव माध्यम की आवश्यकता होती है जिसमें गर्म अणु भौतिक रूप से घूम सकें। अंतरिक्ष निर्वात होने के कारण संवहन असंभव है। विकल्प C (विकिरण) सही है — सूर्य की ऊष्मा विकिरण द्वारा पृथ्वी तक पहुँचती है। छवि स्पष्ट रूप से बताती है: पृथ्वी तक सूर्य की ऊष्मा विकिरण विधि द्वारा पहुँचती है। विकिरण विद्युत चुम्बकीय तरंगों के रूप में यात्रा करता है और किसी भौतिक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती। विकल्प D (तीनों विधियों) गलत है — केवल विकिरण ही सूर्य और पृथ्वी के बीच निर्वात में यात्रा कर सकता है।
FAQ
Common questions and clear answers for this topic.
Heat is a form of energy that transfers between objects or systems due to a temperature difference, moving from a hotter body to a cooler one until thermal equilibrium is reached.