Practice questions on major rivers, tributaries, basins and important lakes of India for UPSC, SSC, Railways and State PCS exams. Questions and Answers – पृष्ठ 6
नदियाँ और झीलें भूगोल विषय का एक महत्वपूर्ण टॉपिक है जो SSC CGL, SSC CHSL, UPSC, राज्य PSC, IBPS PO, IBPS क्लर्क, SBI PO, SBI क्लर्क और RRB NTPC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत उपयोगी है। इस टॉपिक में नदियों की उत्पत्ति, उनके प्रवाह मार्ग, अपवाह तंत्र और झीलों के निर्माण से संबंधित जानकारी दी जाती है। नदियाँ मुख्यतः पहाड़ों में हिमनदों के पिघलने, झरनों या वर्षा के जल से उत्पन्न होती हैं और घाटियों, मैदानों तथा डेल्टा से होकर समुद्र या महासागर में मिल जाती हैं। भारत की प्रमुख नदियों जैसे गंगा, ब्रह्मपुत्र, सिंधु, गोदावरी, कृष्णा, नर्मदा और कावेरी के साथ-साथ विश्व की प्रमुख नदियों जैसे नील, अमेज़न, मिसिसिपी और यांग्त्ज़ी के बारे में भी अभ्यर्थियों को जानकारी होनी चाहिए। अपवाह तंत्र के प्रकार जैसे वृक्षाकार, जालीनुमा, अरीय और आयताकार पैटर्न को समझना परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। झीलों का वर्गीकरण उनकी उत्पत्ति के आधार पर किया जाता है, जैसे विवर्तनिक झीलें, हिमानी झीलें, गोखुर झीलें, क्रेटर झीलें और बांधों से बनी कृत्रिम झीलें। भारत की प्रमुख झीलों में वुलर झील, डल झील, चिल्का झील और सांभर झील शामिल हैं, जबकि विश्व की प्रमुख झीलों में कैस्पियन सागर, सुपीरियर झील और बैकाल झील उल्लेखनीय हैं। नदियों और झीलों का आर्थिक महत्व भी इस टॉपिक का अहम हिस्सा है, जिसमें सिंचाई, जल विद्युत उत्पादन, परिवहन, मछली पालन और पर्यटन शामिल हैं। नदी बेसिन, जलसंभर क्षेत्र और अपवाह तंत्र के प्रकारों की समझ अभ्यर्थियों को वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को सही ढंग से हल करने में मदद करती है। इस भाग में नदी प्रदूषण, संरक्षण के प्रयास और सरकार की नदी सफाई योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जाती है। SSC, रेलवे, बैंकिंग और राज्य PSC परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को मानचित्र आधारित प्रश्नों, सहायक नदियों, संगम स्थलों और नदियों की लंबाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। नियमित रूप से पिछले वर्षों के प्रश्नों और मॉक टेस्ट का अभ्यास करने से इस टॉपिक की समझ मजबूत होती है और सामान्य ज्ञान तथा भूगोल खंड में सटीकता बढ़ती है।