जैन धर्म के त्रिरत्न अथवा तीन रत्न क्या हैं?
Last Updated:
यह प्रश्न जैन धर्म के इतिहास, सिद्धांत, तीर्थंकर-परंपरा अथवा महावीर के जीवन से जुड़े एक महत्त्वपूर्ण तथ्य को स्पष्ट करता है। सही उत्तर सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र है। जैन त्रिरत्न सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र हैं। ये मिलकर मोक्ष का मार्ग बनाते हैं। बुद्ध-धम्म-संघ बौद्ध त्रिरत्न और धर्म-अर्थ-काम चार पुरुषार्थों में से तीन हैं। उत्तर चुनते समय जैन और बौद्ध शब्दावली, परंपरागत जीवन-वृत्त तथा आधुनिक ऐतिहासिक सावधानी को अलग-अलग समझना आवश्यक है। प्रश्न में दिए गए निकट विकल्प प्रायः किसी दूसरे धर्म, बाद के जैन आचार्य या भिन्न घटना से संबंधित होते हैं।