कौन-सा विकल्प जैन धर्म के पाँच महाव्रतों की सही सूची देता है?
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यह प्रश्न जैन धर्म के इतिहास, सिद्धांत, तीर्थंकर-परंपरा अथवा महावीर के जीवन से जुड़े एक महत्त्वपूर्ण तथ्य को स्पष्ट करता है। सही उत्तर अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह है। जैन धर्म के पाँच महाव्रत अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह हैं। पार्श्वनाथ परंपरागत रूप से चार व्रतों से जुड़े हैं और महावीर ने ब्रह्मचर्य को स्पष्ट पाँचवाँ व्रत बनाया। आर्य अष्टांगिक मार्ग बौद्ध धर्म का है। उत्तर चुनते समय जैन और बौद्ध शब्दावली, परंपरागत जीवन-वृत्त तथा आधुनिक ऐतिहासिक सावधानी को अलग-अलग समझना आवश्यक है। प्रश्न में दिए गए निकट विकल्प प्रायः किसी दूसरे धर्म, बाद के जैन आचार्य या भिन्न घटना से संबंधित होते हैं।