मेसोपोटामिया के सुमेरियन समुदायों ने चौथी सहस्राब्दी ईसा पूर्व के अंत में प्रारंभिक लेखा-चिह्नों से कीलाक्षर लिपि विकसित की। मिस्र की चित्रलिपि भी लगभग समान प्रारंभिक काल में उभरी, इसलिए किसी एक को निर्विवाद “विश्व की पहली लिपि” कहना बदलते पुरातात्विक प्रमाण को अत्यधिक सरल बनाता है। प्रश्न में उल्लिखित संस्था या प्रथा ही निर्णायक संकेत देती है। सुमेरियन सभ्यता इसलिए उपयुक्त है क्योंकि प्रश्न में दिया कालक्रम, कर्ता और कार्य इसी से मेल खाते हैं। विकल्पों की तुलना करने पर सिंधु सभ्यता, शांग सभ्यता और मिनोअन सभ्यता वास्तविक ऐतिहासिक नाम या पद अवश्य हैं, किंतु उनका संबंध अलग शासक, संस्था, ग्रंथ, क्षेत्र या समय से है। सामान्य भूल यह होती है कि विद्यार्थी प्रश्न में पूछी गई भूमिका जाँचे बिना सबसे परिचित नाम चुन लेता है। कथन-आधारित रूप में प्रत्येक कथन को अलग जाँचना चाहिए, क्योंकि सही नाम गलत तिथि या गलत कार्य की भरपाई नहीं कर सकता। कालक्रम वाले रूप में पहले घटना को संबंधित वंश के भीतर रखें और उसके बाद विकल्प हटाएँ। अतः याद रखने योग्य संबंध केवल विकल्प का अक्षर नहीं, बल्कि सुमेरियन सभ्यता और ऊपर दिया तथ्यात्मक संदर्भ है।