व्याख्या
सही उत्तर: वर्ण-भेद अधिक वंशानुगत और कठोर हुआ। प्रश्न का उत्तर देते समय मुख्य शब्द, काल और संबंधित वैदिक ग्रंथ या संस्था को पहचानना आवश्यक है। अन्य विकल्प निकट संबंध रखते हुए भी पूछे गए विशिष्ट तथ्य का सही उत्तर नहीं देते। वर्ण-भेद अधिक वंशानुगत और कठोर हो गया इसलिए उपयुक्त है क्योंकि प्रश्न में दिया कालक्रम, कर्ता और कार्य इसी से मेल खाते हैं। विकल्पों की तुलना करने पर स्त्रियों की स्थिति में बहुत सुधार हुआ, व्यापार ने कृषि का पूर्णतः स्थान ले लिया और समाज अधिक समानतावादी हो गया वास्तविक ऐतिहासिक नाम या पद अवश्य हैं, किंतु उनका संबंध अलग शासक, संस्था, ग्रंथ, क्षेत्र या समय से है। सामान्य भूल यह होती है कि विद्यार्थी प्रश्न में पूछी गई भूमिका जाँचे बिना सबसे परिचित नाम चुन लेता है। व्यक्ति, काल, स्थान और संस्थागत उद्देश्य को एक साथ देखने पर यह भ्रम दूर होता है। दिया गया स्रोत प्रचलित संक्षिप्त कथन और अधिक सटीक ऐतिहासिक व्याख्या के बीच अंतर भी स्पष्ट करता है। कथन-आधारित रूप में प्रत्येक कथन को अलग जाँचना चाहिए, क्योंकि सही नाम गलत तिथि या गलत कार्य की भरपाई नहीं कर सकता। कालक्रम वाले रूप में पहले घटना को संबंधित वंश के भीतर रखें और उसके बाद विकल्प हटाएँ। अतः याद रखने योग्य संबंध केवल विकल्प का अक्षर नहीं, बल्कि वर्ण-भेद अधिक वंशानुगत और कठोर हो गया और ऊपर दिया तथ्यात्मक संदर्भ है।