क्यूनिफॉर्म प्राचीन मेसोपोटामिया की लेखन प्रणाली थी जिसमें गीली मिट्टी की पट्टियों पर कीलाकार निशान बनाए जाते थे। प्रश्न में उल्लिखित संस्था या प्रथा ही निर्णायक संकेत देती है। मेसोपोटामिया की कीलाकार लेखन प्रणाली इसलिए उपयुक्त है क्योंकि प्रश्न में दिया कालक्रम, कर्ता और कार्य इसी से मेल खाते हैं। विकल्पों की तुलना करने पर प्राचीन मिस्री दफन अनुष्ठान, प्राचीन ग्रीक मिट्टी के बर्तन और सिंधु घाटी की मुहर लिपि वास्तविक ऐतिहासिक नाम या पद अवश्य हैं, किंतु उनका संबंध अलग शासक, संस्था, ग्रंथ, क्षेत्र या समय से है। सामान्य भूल यह होती है कि विद्यार्थी प्रश्न में पूछी गई भूमिका जाँचे बिना सबसे परिचित नाम चुन लेता है। दिया गया स्रोत प्रचलित संक्षिप्त कथन और अधिक सटीक ऐतिहासिक व्याख्या के बीच अंतर भी स्पष्ट करता है। कथन-आधारित रूप में प्रत्येक कथन को अलग जाँचना चाहिए, क्योंकि सही नाम गलत तिथि या गलत कार्य की भरपाई नहीं कर सकता। कालक्रम वाले रूप में पहले घटना को संबंधित वंश के भीतर रखें और उसके बाद विकल्प हटाएँ। अतः याद रखने योग्य संबंध केवल विकल्प का अक्षर नहीं, बल्कि मेसोपोटामिया की कीलाकार लेखन प्रणाली और ऊपर दिया तथ्यात्मक संदर्भ है।