1945 में शाहनवाज़ खान, पी. के. सहगल और गुरबख्श सिंह ढिल्लों से जुड़ी घटना पहचानिए।
व्याख्या
आईएनए मुकदमे (1945) ही वह घटना है जो 1945 में शाहनवाज़ खान, पी. सहगल और गुरबख्श सिंह ढिल्लों से जुड़ी थी, क्योंकि लाल किले में हुए मुकदमों ने व्यापक राष्ट्रवादी सहानुभूति पैदा की। आईएनए मुकदमे के बारे में: लाल किले में एक साथ मुकदमा झेलने वाले तीनों आईएनए अधिकारी तीन अलग-अलग धर्मों से थे, और इन मुकदमों से उपजी संयुक्त राष्ट्रवादी प्रतिक्रिया को ब्रिटेन को सत्ता हस्तांतरण की ओर धकेलने वाला एक बड़ा कारण माना जाता है। आईएनए मुकदमे भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) के कालखंड का हिस्सा है, और परीक्षा में इसे प्रायः इसी समयरेखा की पड़ोसी घटनाओं के साथ जोड़कर पूछा जाता है। गांधी-इरविन समझौता गलत है क्योंकि गांधी-इरविन समझौता 1931 में हुआ था, 1945 में नहीं, इसलिए यह आईएनए मुकदमे से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। कांग्रेस का कराची अधिवेशन गलत है क्योंकि कांग्रेस का कराची अधिवेशन 1931 में हुआ था, 1945 में नहीं, इसलिए यह आईएनए मुकदमे से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। साइमन कमीशन गलत है क्योंकि साइमन कमीशन 1928 में हुआ था, 1945 में नहीं, इसलिए यह आईएनए मुकदमे से जुड़े इस प्रश्न में फिट नहीं बैठता। SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में आईएनए मुकदमे (1945) से जुड़ा प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए वर्ष, प्रमुख व्यक्ति और परिणाम को एक साथ याद रखने से राष्ट्रीय आंदोलन की समयरेखा की अन्य घटनाओं से भ्रम नहीं होता। आईएनए मुकदमे की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को इससे ठीक पहले और बाद की घटनाओं को भी 1927-1947 की समयरेखा में दोहराना चाहिए, क्योंकि प्रश्न बनाने वाले प्रायः निकटवर्ती वर्षों और जुड़े व्यक्तित्वों का उपयोग विकल्पों में करते हैं।