गांधी-इरविन समझौता किस वर्ष हुई थी?
व्याख्या
गांधी-इरविन समझौता 1931 में हुआ था, क्योंकि इसने सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित किया और कांग्रेस को दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने में सक्षम बनाया। गांधी-इरविन समझौता के बारे में: इस पर महात्मा गांधी और वायसराय लॉर्ड इरविन ने हस्ताक्षर किए, और कांग्रेस के दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने के बदले सरकार उन राजनीतिक बंदियों को रिहा करने पर सहमत हुई जो हिंसा के दोषी नहीं थे। गांधी-इरविन समझौता भारत के राष्ट्रीय आंदोलन (1927-1947) के कालखंड का हिस्सा है, और परीक्षा में इसे प्रायः इसी समयरेखा की पड़ोसी घटनाओं के साथ जोड़कर पूछा जाता है। 1928 गलत है क्योंकि गांधी-इरविन समझौता 1931 में हुआ था, 1928 में नहीं। 1940 गलत है क्योंकि गांधी-इरविन समझौता 1931 में हुआ था, 1940 में नहीं। 1945 गलत है क्योंकि गांधी-इरविन समझौता 1931 में हुआ था, 1945 में नहीं। SSC CGL, SSC CHSL, राज्य PSC और रेलवे जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में गांधी-इरविन समझौता (1931) से जुड़ा प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए वर्ष, प्रमुख व्यक्ति और परिणाम को एक साथ याद रखने से राष्ट्रीय आंदोलन की समयरेखा की अन्य घटनाओं से भ्रम नहीं होता। गांधी-इरविन समझौता की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को इससे ठीक पहले और बाद की घटनाओं को भी 1927-1947 की समयरेखा में दोहराना चाहिए, क्योंकि प्रश्न बनाने वाले प्रायः निकटवर्ती वर्षों और जुड़े व्यक्तित्वों का उपयोग विकल्पों में करते हैं। याद रखें: गांधी-इरविन समझौता — 1931 — महात्मा गांधी और लॉर्ड इरविन।