सही उत्तर: शिकार और खाद्य-संग्रह। पुरापाषाण समुदाय मुख्यतः पशु-शिकार और जंगली पौधों, फलों तथा कंद-मूल के संग्रह पर निर्भर थे। स्थायी कृषि और बड़े पैमाने का पशुपालन बाद में विकसित हुए; संगठित दूरस्थ व्यापार जीविका का मुख्य आधार नहीं था। सही निष्कर्ष के लिए संरक्षण, स्थान और काल—तीनों का मेल आवश्यक है। शिकार और खाद्य-संग्रह इसलिए उपयुक्त है क्योंकि प्रश्न में दिया कालक्रम, कर्ता और कार्य इसी से मेल खाते हैं। विकल्पों की तुलना करने पर केवल पशुपालन, स्थायी कृषि और दीर्घ-दूरी व्यापार वास्तविक ऐतिहासिक नाम या पद अवश्य हैं, किंतु उनका संबंध अलग शासक, संस्था, ग्रंथ, क्षेत्र या समय से है। सामान्य भूल यह होती है कि विद्यार्थी प्रश्न में पूछी गई भूमिका जाँचे बिना सबसे परिचित नाम चुन लेता है। व्यक्ति, काल, स्थान और संस्थागत उद्देश्य को एक साथ देखने पर यह भ्रम दूर होता है। कथन-आधारित रूप में प्रत्येक कथन को अलग जाँचना चाहिए, क्योंकि सही नाम गलत तिथि या गलत कार्य की भरपाई नहीं कर सकता। कालक्रम वाले रूप में पहले घटना को संबंधित वंश के भीतर रखें और उसके बाद विकल्प हटाएँ। अतः याद रखने योग्य संबंध केवल विकल्प का अक्षर नहीं, बल्कि शिकार और खाद्य-संग्रह और ऊपर दिया तथ्यात्मक संदर्भ है।