मोहनजोदड़ो वर्तमान पाकिस्तान के सिंध प्रांत में स्थित है। धोलावीरा और लोथल गुजरात में तथा कालीबंगा राजस्थान में स्थित हैं। इसलिए अन्य विकल्प या तो किसी दूसरे पुरातात्त्विक स्थल से संबंधित हैं, किसी भिन्न काल के हैं अथवा प्रश्न में पूछे गए विशिष्ट साक्ष्य से मेल नहीं खाते। स्रोत-परंपरा व्यक्ति, रचना और घटना को निश्चित ऐतिहासिक संदर्भ में रखती है। मोहनजोदड़ो इसलिए उपयुक्त है क्योंकि प्रश्न में दिया कालक्रम, कर्ता और कार्य इसी से मेल खाते हैं। विकल्पों की तुलना करने पर धौलावीरा, लोथल और कालीबंगा वास्तविक ऐतिहासिक नाम या पद अवश्य हैं, किंतु उनका संबंध अलग शासक, संस्था, ग्रंथ, क्षेत्र या समय से है। सामान्य भूल यह होती है कि विद्यार्थी प्रश्न में पूछी गई भूमिका जाँचे बिना सबसे परिचित नाम चुन लेता है। कथन-आधारित रूप में प्रत्येक कथन को अलग जाँचना चाहिए, क्योंकि सही नाम गलत तिथि या गलत कार्य की भरपाई नहीं कर सकता। कालक्रम वाले रूप में पहले घटना को संबंधित वंश के भीतर रखें और उसके बाद विकल्प हटाएँ। अतः याद रखने योग्य संबंध केवल विकल्प का अक्षर नहीं, बल्कि मोहनजोदड़ो और ऊपर दिया तथ्यात्मक संदर्भ है।