सही उत्तर: उन्नत जल-प्रबंधन और जलाशय। कच्छ स्थित धोलावीरा शुष्क पर्यावरण के अनुकूल बनाए गए जलाशयों, नालों, बाँधों और वर्षाजल-संचयन की उन्नत व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध है। लोथल गोदीवाड़े, मोहनजोदड़ो विशाल स्नानागार और बुर्जहोम गर्त-आवासों के लिए जाना जाता है। इसलिए अन्य विकल्प या तो किसी दूसरे पुरातात्त्विक स्थल से संबंधित हैं, किसी भिन्न काल के हैं अथवा प्रश्न में पूछे गए विशिष्ट साक्ष्य से मेल नहीं खाते। उन्नत जल-प्रबंधन और जलाशय इसलिए उपयुक्त है क्योंकि प्रश्न में दिया कालक्रम, कर्ता और कार्य इसी से मेल खाते हैं। विकल्पों की तुलना करने पर गोदीवाड़ा, विशाल स्नानागार और गर्त-आवास वास्तविक ऐतिहासिक नाम या पद अवश्य हैं, किंतु उनका संबंध अलग शासक, संस्था, ग्रंथ, क्षेत्र या समय से है। सामान्य भूल यह होती है कि विद्यार्थी प्रश्न में पूछी गई भूमिका जाँचे बिना सबसे परिचित नाम चुन लेता है। कथन-आधारित रूप में प्रत्येक कथन को अलग जाँचना चाहिए, क्योंकि सही नाम गलत तिथि या गलत कार्य की भरपाई नहीं कर सकता। कालक्रम वाले रूप में पहले घटना को संबंधित वंश के भीतर रखें और उसके बाद विकल्प हटाएँ। अतः याद रखने योग्य संबंध केवल विकल्प का अक्षर नहीं, बल्कि उन्नत जल-प्रबंधन और जलाशय और ऊपर दिया तथ्यात्मक संदर्भ है।