व्याख्या
प्रश्न में पूछे गए बिहार-विशिष्ट तथ्य से मेल खाने वाला उत्तर अशोक है। इसके बाद अशोक ने आक्रामक सैन्य विजय की अपेक्षा धम्म-विजय अर्थात नैतिक प्रभाव द्वारा विजय को श्रेष्ठ बताया। उसके धम्म में माता-पिता और बड़ों का सम्मान, सेवकों के साथ मानवीय व्यवहार, दान, संयम, सहिष्णुता तथा मनुष्यों और पशुओं के कल्याण पर बल था। ऐतिहासिक रूप से यह कहना अधिक सटीक है कि अशोक का बौद्ध धर्म से संपर्क संभवतः कलिंग युद्ध से पहले प्रारम्भ हो चुका था; किंतु युद्ध ने उसकी सार्वजनिक राजकीय नीति और धम्म पर दिए गए बल को निर्णायक रूप से प्रभावित किया। विकल्प A बिंदुसार गलत है, क्योंकि वह अशोक का पिता था और उससे पहले शासन करता था। विकल्प B चंद्रगुप्त मौर्य गलत है, क्योंकि वह मौर्य वंश का संस्थापक था और उसका अंतिम जीवन जैन परंपरा से जोड़ा जाता है। विकल्प D दशरथ गलत है, क्योंकि वह अशोक का पौत्र और उत्तराधिकारी था। इसलिए अभिलेखीय और कालानुक्रमिक दोनों आधारों पर अशोक ही सही उत्तर है।सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध की विनाशलीला देखकर बौद्ध धर्म अपनाया था। ‘कलिंग युद्ध के बाद किस मौर्य शासक ने आक्रामक युद्ध-नीति त्यागकर धम्म पर अधिक बल दिया?’ में निर्णायक संकेत प्रश्न में दिया सटीक स्थान, संस्था, घटना, भौतिक विशेषता या प्रशासनिक श्रेणी है। अन्य विकल्प बिंदुसार, चंद्रगुप्त मौर्य, दशरथ बिहार से जुड़े वास्तविक शब्द हो सकते हैं, पर वे पूछे गए पूरे संबंध को पूरा नहीं करते। केवल option letter के बजाय ‘कलिंग.