भारत की मिट्टियों में कौन-सा पद महत्वपूर्ण भौगोलिक तथ्य “सिंचाई उपयुक्त क्षेत्रों को उत्पादक बना सकती है, पर खराब प्रबंधन से लवणता बढ़ सकती है” तथा “शुष्क और अर्धशुष्क क्षेत्रों की रेतीली मिट्टी” से सही रूप से संबंधित है?
व्याख्या
सही उत्तर: विकल्प D — शुष्क मिट्टी। शुष्क मिट्टी की सही पहचान सिंचाई उपयुक्त क्षेत्रों को उत्पादक बना सकती है, पर खराब प्रबंधन से लवणता बढ़ सकती है के रूप में होती है। शुष्क मिट्टी का संबंध शुष्क और अर्धशुष्क क्षेत्रों की रेतीली मिट्टी से भी है। शुष्क मिट्टी की एक अन्य पहचान कम ह्यूमस और नमी इसकी सामान्य सीमाएं हैं है। शुष्क मिट्टी का एक और परीक्षा उपयोगी तथ्य सिंचाई उपयुक्त क्षेत्रों को उत्पादक बना सकती है, पर खराब प्रबंधन से लवणता बढ़ सकती है है। अन्य विकल्प गलत क्यों हैं: • विकल्प A — वन और पर्वतीय मिट्टी: वन और पर्वतीय मिट्टी सीढ़ीदार और घाटी क्षेत्र चाय, मसाले और समशीतोष्ण फल उगा सकते हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि वन और पर्वतीय मिट्टी का वास्तविक संबंध पर्वतीय वनस्पति और स्थलाकृति के अंतर्गत बनी विविध मिट्टी से है। • विकल्प B — लवणीय और क्षारीय मिट्टी: लवणीय और क्षारीय मिट्टी उपयुक्त स्थानों पर जलनिकास, निक्षालन और जिप्सम उपचार सुधार में सहायक हैं है। यहां यह गलत है क्योंकि लवणीय और क्षारीय मिट्टी का वास्तविक संबंध अधिक घुलनशील लवण या विनिमेय सोडियम वाली मिट्टी से है। • विकल्प C — पीटमय और दलदली मिट्टी: पीटमय और दलदली मिट्टी लंबे समय तक जलसंतृप्ति पौध पदार्थ के अपघटन को धीमा करती है है। यहां यह गलत है क्योंकि पीटमय और दलदली मिट्टी का वास्तविक संबंध जलभराव की दशाओं में बनी जैविक पदार्थ से समृद्ध मिट्टी से है। परीक्षा सार: शुष्क मिट्टी को “सिंचाई उपयुक्त क्षेत्रों को उत्पादक बना सकती है, पर खराब प्रबंधन से लवणता बढ़ सकती है” और “शुष्क और अर्धशुष्क क्षेत्रों की रेतीली मिट्टी” से जोड़कर याद रखें।