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भारतीय इतिहास
easyQ. No. 15884

भारतीय संगीत-परंपरा के इतिहास में सामवेद विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण क्यों है?

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यह प्रश्न “भारतीय संगीत-परंपरा के इतिहास में सामवेद विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण क्यों है?” में निहित ऐतिहासिक संबंध पर केंद्रित है। इसमें उसकी ऋचाएँ अनुष्ठानिक गायन और स्वर के लिए व्यवस्थित थीं को संबंधित कालक्रम, संस्था, संरक्षण, ग्रंथ, क्षेत्र या प्रशासनिक कार्य से जोड़ना आवश्यक है। सभी विकल्प समान वैचारिक श्रेणी के रखे गए हैं, इसलिए उत्तर केवल परिचित नाम देखकर नहीं चुना जा सकता। द्विभाषी सामग्री संक्षिप्त पृष्ठभूमि देती है, प्रमुख भ्रम स्पष्ट करती है और सीधे तथ्य, कथन-आधारित तथा विकल्प-उन्मूलन वाले अभ्यास में सहायता करती है।

Aउसमें सितार की पहली सुरक्षित स्वर-लिपि है
Bउसकी ऋचाएँ अनुष्ठानिक गायन और स्वर के लिए व्यवस्थित थीं
Cवह मंदिर मूर्तिकला का ग्रंथ है
Dउसमें केवल राजनीतिक संधियाँ हैं
Correct Answer: उसकी ऋचाएँ अनुष्ठानिक गायन और स्वर के लिए व्यवस्थित थींYour Answer: B

Explanation

सामवेद की अधिकांश ऋचाएँ ऋग्वेद से ली गई हैं, पर यज्ञीय अनुष्ठान में गायन के लिए अलग ढंग से व्यवस्थित हैं। यह सामगान परंपरा भारतीय संगीत के बाद के विकास में आधारभूत है; सामवेद को समस्त भारतीय संगीत का अकेला शाब्दिक “उद्गम” कहना अत्यधिक पूर्ण है। सही निष्कर्ष के लिए संरक्षण, स्थान और काल—तीनों का मेल आवश्यक है। उसकी ऋचाएँ अनुष्ठानिक गायन और स्वर के लिए व्यवस्थित थीं इसलिए उपयुक्त है क्योंकि प्रश्न में दिया कालक्रम, कर्ता और कार्य इसी से मेल खाते हैं। विकल्पों की तुलना करने पर उसमें सितार की पहली सुरक्षित स्वर-लिपि है, वह मंदिर मूर्तिकला का ग्रंथ है और उसमें केवल राजनीतिक संधियाँ हैं वास्तविक ऐतिहासिक नाम या पद अवश्य हैं, किंतु उनका संबंध अलग शासक, संस्था, ग्रंथ, क्षेत्र या समय से है। सामान्य भूल यह होती है कि विद्यार्थी प्रश्न में पूछी गई भूमिका जाँचे बिना सबसे परिचित नाम चुन लेता है। कथन-आधारित रूप में प्रत्येक कथन को अलग जाँचना चाहिए, क्योंकि सही नाम गलत तिथि या गलत कार्य की भरपाई नहीं कर सकता। कालक्रम वाले रूप में पहले घटना को संबंधित वंश के भीतर रखें और उसके बाद विकल्प हटाएँ। अतः याद रखने योग्य संबंध केवल विकल्प का अक्षर नहीं, बल्कि उसकी ऋचाएँ अनुष्ठानिक गायन और स्वर के लिए व्यवस्थित थीं और ऊपर दिया तथ्यात्मक संदर्भ है।

महत्वपूर्ण नोट्स

  • उसकी ऋचाएँ अनुष्ठानिक गायन और स्वर के लिए व्यवस्थित थीं का संबंध प्रश्न में दिए विशिष्ट कर्ता, कालक्रम या कार्य से है।
  • मुख्य तथ्यात्मक संदर्भ है: सामवेद की अधिकांश ऋचाएँ ऋग्वेद से ली गई हैं, पर यज्ञीय अनुष्ठान में गायन के लिए अलग ढंग से व्यवस्थित हैं।
  • इसे उसमें सितार की पहली सुरक्षित स्वर-लिपि है से न मिलाएँ, जिसका ऐतिहासिक संबंध अलग है।
  • वह मंदिर मूर्तिकला का ग्रंथ है और उसमें केवल राजनीतिक संधियाँ हैं को काल तथा संस्थागत भूमिका के आधार पर जाँचें।
  • कथन-आधारित प्रश्न में केवल नाम पहचानने के बजाय प्रत्येक कथन सत्यापित करें।

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